विदेशी अनुदान का रिटर्न ना दाखिल करने पर लाइसेंस रद्द, JNU,DU PTI और SCBA समेत कई नाम शामिल

विदेशी अनुदान का रिटर्न ना दाखिल करने पर लाइसेंस रद्द, JNU,DU PTI और SCBA समेत कई नाम शामिल

By: Aryan Paul
September 14, 09:09
0
New Delhi:

देश की नामी-गिरामी यूनिवर्सिटी जैसे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, आईआईटी दिल्ली, आईसीएआर जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के अलावा सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन पर भी केंद्र सरकार ने विदेशी धन को लेकर रोक लगा दी है, क्योंकि इन संस्थाओं ने विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम 2010 के तहत पिछले 5 साल से वार्षिक रिटर्न नहीं दाखिल किया था ।

बता दें कि जिस किसी भी संस्था को विेदेशी अनुदान मिलता है, या जो भी लेना चाहता है। उन्हें विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम 2010 FCRA के तहत रजिस्ट्रेशन कराकर हर साल रिटर्न दाखिल करना होता है । ऐसा ना करने पर गृह मंत्रालय उनका अनुदान रोक सकता है। उन सभी संस्थानों का रजिस्ट्रेशन गृह मंत्रालय द्वारा रद्द कर दिया गया है, जिन्होंने लगातार पांच साल तक वार्षिक रिटर्न नहीं दाखिल किया था ।

संस्थानों में जिनके FCRA लाइसेंस रद्द कर किए गए हैं, उनमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पंजाब विश्वविद्यालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, गार्गी कॉलेज, लेडी इरविन कॉलेज और PTI भी शामिल है । इनके साथ ही सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट और रिसर्च सेंटर, गांधी शांति फाउंडेशन, नेहरू युवा केंद्र संगठन, स्कूल ऑफ प्लानिंग और आर्किटेक्चर का भी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है ।

दून स्कूल ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन, गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, डॉ.जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट, डॉ राम मनोहर लोहिया इंटरनेशनल ट्रस्ट, स्वैच्छिक दत्तक संसाधन, बॉम्बे डायकेशन सोसाइटी, राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, बैंगलोर, महात्मा गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट, गुजरात और सत्य साई ट्रस्ट का भी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।

गृह मंत्रालय ने बताया कि इन संगठनों ने लगातार पांच साल, 2010-11 से 2014-15 तक अपना रिटर्न दाखिल दाखिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि मई में सभी गैर-सरकारी संगठनों को 14 जून तक वार्षिक रिटर्न दाखिल करने का टाइम दिया गया था। इसके बावजूद किसी ने भी रिटर्न नहीं दाखिल किया । और इन सभी संगठनों को 23 जुलाई तक अपना जवाब देने को कहा गया था, लेकिन किसी ने जवाब भी दाखिल नहीं किया । मजबूर होकर गृह मंत्रालय को सभी का लाइसेंस रद्द करना पड़ा ।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।

comments
No Comments