12 साल की बेटी को जबरन नहलाता था पिता,मना करने पर करता था ऐसा काम

12 साल की बेटी को जबरन नहलाता था पिता,मना करने पर करता था ऐसा काम

By: Madhu Sagar
August 13, 13:08
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New Delhi:

अक्सर महिलाओं को पति के हिंसा का शिकार होना पड़ता है।लेकिन अगर बात बच्चे पर आ जाए तो पत्नी के बर्दाश्त करने की क्षमता खत्म हो जाती है।एसी ही एक घटना सामने आई है जहां घरेलू हिंसा और भरण-पोषण मामले की सुनवाई के लिए पहुंची महिला को उसके पति ने कोर्ट परिसर में ही जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं गुस्साए पति ने महिला के साथ मारपीट भी की।हाई प्रोफाइल मामले में एमपी नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।

जीवन मोटर्स के मालिक एवं डायरेक्टर पवनदीप छतवाल की पत्नी जसलीन ने शिकायत में बताया कि पवनदीप मारपीट करते थे। वे सहती रहीं लेकिन जब बच्चों के साथ क्रूरता करने लगे तो पति से दूर रहने का फैसला किया। उन्होंने हबीबगंज थाने में पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत की और भरण पोषण के लिए केस दायर किया।

सुनवाई के लिए वे दिल्ली से आई थीं। सुनवाई मजिस्ट्रेट मनोज सिंह की अदालत में चल रही है। जब लंच टाइम में पति दिखा तो इस पर उन्होंने अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। हाथ मरोड़ दिया। पिता हरजिंदर सिंह को धक्का देकर गिरा दिया और धमकी दी कि केस वापस ले लो, नहीं तो जान से मार देंगे। 

एमपी नगर थाने में हुए बयान में जसलीन ने बताया कि उसकी शादी 2002 में हुई थी। उसकी 12 साल की बेटी और 8 साल का बेटा है। महिला ने बताया कि पति का स्वभाव काफी आक्रामक है, वह अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे।महिला ने बताया कि बच्चे जितनी बार भी वाशरूम इस्तेमाल करते थे पति उनको नहाने के लिए कहता था।

कई बार बच्चे नहाने के लिए इनकार करते थे तो वह उन्हें रसोईघर में नहला देते थे। मेरी बेटी अब 12 साल की हो गई है, वह नहीं चाहती कि पापा उसे नहलाए इसलिए उसने इसका विरोध किया। इससे नाराज होकर पति ने उसके साथ भी मारपीट। पति अक्सर हम तीनों के साथ मारपीट करते थे, इसलिए साल 2016 में मैंने उनका घर छोड़ दिया और दिल्ली में अपने पिता हरजिंदर सिंह के घर शिफ्ट हो गई।

अलग होने के बाद मैंने प्रताड़ना और घरेलू हिंसा की शिकायत हबीबगंज थाने में की थी। घरेलू हिंसा व भरण-पोषण का प्रकरण कोर्ट में चल रहा है।शुक्रवार को उस केस की सुनवाई थी, सुनवाई के बाद उन्होंने कोर्ट परिसर में मेरे साथ मारपीट की। कोर्ट ने भरण-पोषण के लिए जो रकम तय की थी, वह पति नहीं दे रहा था। इसलिए महिला कोर्ट की अवमानना के संबंध में शिकायत करने आई थी।

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