निकाह के नाम पर धोखा नहीं कर पाएगा कोई शख्स, निकाह करने के लिए आधार कार्ड होगा जरूरी

निकाह के नाम पर धोखा नहीं कर पाएगा कोई शख्स, निकाह करने के लिए आधार कार्ड होगा जरूरी

By: Rohit Solanki
August 13, 19:08
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New Delhi: ऑल इंडिया मुस्लिम वुमन पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMWP) ने PM नरेंद्र मोदी को 'मॉडल निकाहनामा' सौंप दिया है। बोर्ड चाहता है कि यह जल्दी लागू हो और किसी तरह के फ्रॉड से बचने के लिए इसे आधार कार्ड से जोड़ा जाए। इस मॉडल निकाहनामे को मुस्लिम महिलाओं के साथ तलाक और निकाह में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए तैयार किया गया है।

राजधानी स्थित मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने नए शरई निकाहनामे को देश में लागू कराने को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। शाइस्ता अंबर ने बताया कि मुस्लिम महिलाएं पहले ही निकाहनामे में बदलाव की मांग कर रही थीं, इसलिए काफी समय पहले से नए निकाहनामे का प्रारूप तैयार कर लिया गया था।

इसे लागू कराने में पिछली केंद्र सरकारें असफल रही हैं और अब इस निकाहनामे को मोदी सरकार द्वारा लागू कराए जाने की उम्मीद है। बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने बताया कि निकाहनामे की विशेषताओं को जानने के बाद पीएम इससे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने इसे लागू करने के बारे में सकारात्मक नजरिया अपनाने का संकेत दिया है।

निकाहनामे का मूल तत्व है दोनों पक्षों को बराबर का हक मिले। वर और वधु पक्ष का फोटो सहित पूरा पता इस निकाहनामे में दर्ज किया जाएगा। वर वधु का आधार कार्ड निकाहनामे से जोड़ा जाएगा जिससे आधुनिक विवाह की आड़ में किए जाने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। निकाहनामा हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी में है। साइस्ता अंबर ने तीन तलाक मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री से चर्चा की जिसमें पीएम ने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला महिलाओं के हित में ही होगा। 

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