दिल्ली् में लिंग परिवर्तन के ऑपरेशनों में भारी बढ़ोत्तरी

दिल्ली् में लिंग परिवर्तन के ऑपरेशनों में भारी बढ़ोत्तरी

By: Rohit Solanki
July 17, 10:07
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राजधानी दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में इन दिनों लिंग परिवर्तन कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है...

लोकनायक अस्प्ताल के डॉक्टरों का कहना है कि पहले की अपेक्षा इन दिनों इस तरह के ऑपरेशन की मांग काफी ज्यादा है जबकि कुछ समय पहले तक ऐसे ऑपरेशन वर्जित थे, पर इन दिनों डिमांड में हैं |

लोकनायक अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉक्टर पी.एस. भंडारी का कहना है... दो इंजीनियरिंग और मेडिकल के छात्र भी लिंग परिवर्तन करवाना चाहते हैं साथ ही वे कहते हैं कि ज्यादातर ऐसे ऑपरेशन ना सिर्फ अमीर वर्ग बल्कि मध्यमवर्गीय परिवार के लोग भी करवाना चाहते हैं |

डॉक्टर राजीव मेहता का कहना है- करीब दस साल पहले लिंग परिवर्तन के ऑपरेशन साल में 1-2 ही होते थे लेकिन अब महीने भर के अंदर ही 3-4 ऑपरेशन की डिमांड आने लगी है |

ऐसे ही एक मामले के बारे में हम आपको बता रहे हैं... इला एक बदला हुआ नाम, जिसका जन्म तो एक लड़की के रूप में हुआ... लेकिन वह अपने अंदर लड़की की बजाए एक लड़के को महसूस करती थी  |  27 साल की इला नोएडा की रहने वाली है... इला का कहना है- उसे बचपन से ही फ्रॉक पहनना और गुड़ियाों से खेलना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, इन्हीं चीजों को लेकर मेरी अक्सर परिवार वालों से लड़ाई हो जाती थी, जबकि वहीं मेरे परिवार वाले मेरी इन्ही हरकतों को लेकर परेशान रहते थे |

करीब दस साल पहले इला ने नींद वाली दवाओं की ज्यादा डोज के कारण आत्महत्या करने का भी प्रयास किया... जब इला के परिजन उसे सर गंगा राम अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टर मेहता ने बताया, कि इला कई तरह के डिप्रेशन से गुजर रही है... और इला भारी मात्रा में शराब और सिगरेट का सेवन करती है वह एक दिन में 20 सिगरेट और आधी बोतल शराब का सेवन करती है

इला ने बताया कि वह अपने शरीर में पुरुषत्व महसूस करती है उसे लड़की की बजाए लड़का होने का एहसास होता है... डॉक्टरों ने इसे जेन्डर आईडिनेंटिटी डिसार्डर बताया |

इला को एक पुरुष की भूमिका में रहने और महीनों तक टेस्टोस्टेरोन थेरेपी के लिए प्रोत्साहित किया गया.. इला के स्तन और योनि को हटाने के लिए उसे मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.. और डॉक्टरों ने एक पुननिर्मित लिंग लगाया, एक मनोचिकित्सक ने कहा- सेक्स-सर्जरी अपरिवर्तनीय है, इसलिए हम ऐसे रोगियों को क्रॉस-ड्रेस से पुकारते हैं और सर्जरी से पहले छह महीने तक विपरीत लिंग (महिला-पुरुष) की तरह रखते हैं |

दिल्ली में साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के मनोचिकित्सक समीर मल्होत्रा का कहना है कि ऐसे मामलों  में मरीज को सामाजिक और पारिवारिक सहयोग की बहुत जरूरत होती है... ताकि वह जल्द ही चीजों से उभर सकें और बदलाव को आसानी से महसूस करने में मानसिक परेशानी से ना गुजरना पड़े... साथ ही डॉक्टर का कहना है लिंग परिवर्तन के ऑपरेशन की मांग बढ़ रही है... जबकि प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशन काफी महंगे होते हैं इसी वजह से ज्यादातर मरीज सरकारी अस्पतालों में  इलाज कराने को मजबूर होते हैं |

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