मंदिरों के लिये गाइडलाइन : जूते-चप्पल श्रद्धालुओं को खुद की गाड़ी में उतारने होंगे, घंटी नहीं बजेगी

New Delhi : अनलॉक-1 में 8 जून से होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जायेंगे। लेकिन यहां जाने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में धर्मस्थलों, मॉल, रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति दी थी। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कामकाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है – धार्मिक स्थलों पर फेस मास्क पहने लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कोविड-19 से जुड़ी जानकारी वाले पोस्टर, बैनर धार्मिक स्थल परिसर में लगाने होंगे। वीडियो भी चलाना होगा। कोशिश करें कि एक साथ ज्यादा श्रद्धालु न पहुंचे। सबको अलग-अलग करने की कोशिश करें।

 

गाइडलाइन के मुताबिक जूते, चप्पल श्रद्धालुओं को खुद की गाड़ी में उतारने होंगे। अगर ऐसी व्यवस्था नहीं है तो परिसर से दूर खुद की निगरानी में रखना होगा। धार्मिक स्थल पर एक साथ बड़ी संख्या में लोग न जुटें। सभी को एक-दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी बनाए रखना होगा। धार्मिक स्थल में प्रवेश द्वार पर हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी है। बिना लक्षण वाले श्रद्धालु को ही धार्मिक स्थल में प्रवेश दिया जाए। अगर किसी को खांसी, जुखाम, बुखार आ रहा है तो उसे तुरंत रोकना होगा।
किसी भी धार्मिक स्थल में घंटी बजाने, मूर्ति छूना मना होगा। परिसर में प्रवेश से पहले सभी को अपने हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे। प्रवेश द्वार पर ही सबके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा। केवल उन्हीं को प्रवेश मिलेगा जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं होगा। बगैर फेस मास्क पहने लोगों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित किया गया है। 28 बिंदुओं के इस गाइडलाइन में धार्मिक स्थल में पूजा-पाठ और प्रार्थना करने के लिए कई जरूरी बातें कहीं गई हैं।
गाइडलाइन में कहा गया है – अगर ज्यादा भीड़ आती है तो सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए पार्किंग मैदान में क्राउड मैनेजमेंट करें। परिसर के बाहर की दुकानों, स्टॉल, कैफेटेरिया में भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का हमेशा पालन करना होगा।
बाहर और अंदर लाइन खींचकर रखें जिससे कतार में लगने वाले लोग एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर रख सकें। प्रवेश और बाहर जाने वाले लोगों के लिए अलग-अलग द्वार का प्रयोग करें। प्रवेश के लिए लगी लाइन में कम से कम 6 फीट की दूरी बनाएं। प्रतीक्षा स्थल में बैठने के लिए जो व्यवस्था बनाई जाएगी उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना होगा।
एसी चलाने के लिए सीपीडब्ल्यूडी की गाइडलाइन का पालन करना होगा। तापमान 24 से 30 डिग्री रखना होगा। आद्रता का रेंज 40 से 70 के बीच रखना होगा। इसके अलावा कमरे में वेंटिलेशन की व्यवस्था भी रखनी होगी ताकी हवा हमेशा साफ होती रहे।

 

मूर्ति, किताबों, घंटी, दीवारों को छूना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। परिसर में थूकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। गायन-भजन के कार्यक्रम समूह में बैठकर नहीं कर सकेंगे। ऑडियो कैसेट के जरिए भजन चला सकेंगे। एक-दूसरे को छूना नहीं है।
एक चटाई पर ज्यादा लोगों को बैठने की मनाही है। हर किसी को खुद की चटाई साथ ले जानी होगी। परिसर में प्रसाद वितरण, श्रद्धालुओं पर पानी का छिड़काव करने पर प्रतिबंध है। हालांकि लंगर, सामुदायिक रसोंई या अन्न दान कर सकते हैं। इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

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