राम मंदिर: साधुओं ने PM पर दागे सवाल, 4 घंटे में नोटबंदी हो सकती है,मंदिर क्यों नहीं बन सकता ?

राम मंदिर: साधुओं ने PM पर दागे सवाल, 4 घंटे में नोटबंदी हो सकती है,मंदिर क्यों नहीं बन सकता ?

By: Aryan Paul
December 07, 08:12
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New Delhi: बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी पर अयोध्या में भारी संख्या में संत जुटे। संतों ने शौर्य सम्मान सभा की। इस दौरान उन्होंने मामले पर एक राय बनाते हुए कहा कि अब सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण करवाए।

बता दें कि कारसेवकपुरम में वीएचपी और बजरंग दल ने शौर्य सम्मान सभा की। इसमें आए ज्यादातर संत संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण के हिमायती दिखे। तो वहीं राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अब तो हमारी ही सरकारें हैं। केंद्र में भी और राज्य में भी। अब इस काम में और ढिलाई नहीं बर्दाश्त की जा सकती। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि ऐसा समय दोबारा कभी नहीं आएगा। 

कारसेवकपुरम

उन्होंने कहा कि हम यहां से अपनी सरकारों को सूचित करते हैं कि पीएम और सीएम को बताते हैं कि वे हिंदुओं की भावनाओं का आदर करें। मंदिर निर्माण के लिए यही समय अनुकूल है। अगर अभी भी मंदिर नहीं बना सके तो आगे बहुत मुश्किल होगी। साथ ही दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास महाराज ने तो मंदिर निर्माण के लिए 2018 की समय सीमा तय कर दी। 

अयोध्या

परमहंस दास ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर 2019 से पहले मंदिर नहीं बना तो दूसरे विकल्प के बारे में सोचना होगा। उन्होंने कहा कि साधुओं के पास बीजेपी को छोड़कर शिवसेना जिंदाबाद कहने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। राम शंकर दास ने कहा कि संसद से कानून क्यों नहीं बनता? जैन मुनि कमल मणिजी महाराज ने सीधे तौर पर पीएम मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब चार घंटे में नोटबंदी कर सकते हैं तो फिर मंदिर क्यों नहीं बन सकता? 

कमल नयन दास महंत

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कमल नयन दास महंत  का कहना है कि कारसेवकपुरम का संत समाज पीएम नरेंद्र मोदी को आदेश देता है कि वह संसद में कानून बनाएं। किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं होगा। मंदिर का सारा सामान उनके पास तैयार है।

विहिप

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साथ ही विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश का कहना है कि मस्जिद हमारे अपमान का प्रतीक थी। सरदार पटेल ने हिंदू होने के नाते सोमनाथ मंदिर के निर्माण का संकल्प नहीं लिया था। वह संकल्प राष्ट्रीय अस्मिता का था। अब भी ऐसा ही करना होगा। कुछ लोग बीच का रास्ता निकालना चाहते हैं। कोई बीच का रास्ता नहीं है।

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