समाज के लिए प्रेरणा बनी सविता,मंगलसूत्र बेचकर घर में बनवाया शौचालय,कहा-खुले में शौच अपमान की बात

समाज के लिए प्रेरणा बनी सविता,मंगलसूत्र बेचकर घर में बनवाया शौचालय,कहा-खुले में शौच अपमान की बात

By: Madhu Sagar
August 12, 12:08
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New Delhi:

PM MODI के स्वच्छ भारत अभियान के सपना को साकार कर रहे है भारत के लोग।लोगों पर पहले शौचालय फिर देवालय,हर घर में हो शौचालय,चाहिए खुले में शौच से आजादी,जिस घर में शौचालय नहीं,उस घर में नहीं जाएगी बहू- एक के बाद एक नारे और सोच ने देशभर में ग्रामीणों के मनमस्तिष्क पर जबरदस्त असर डाला।लोग औक खासकर महिलाएं खुद आगे आने लगीं।एक से बढ़कर एक पहल किए और समाज के लिए प्रेरणा बन गयीं।

यूपी के गोरखपुर में पड़ता है भटहट,जहां के बूढ़ाडीह गांव में रहती है सविता देवी।आज सविता देवी को हर कोई पहचानता है।वह स्वच्छता अभियान का सिम्बल बन चुकी हैं।सविता ने ऐसा क्या किया कि रातों रात उदाहरण बन गई।सविता ने शौचालय के लिए अपना मंगलसूत्र तक बेच दिया!जो हिंदू धर्म में सुहाग कि निशानी मानी जाती है,जिसकी हिफाजत के लिए महिलाएं अपनी जान तक दे देती हैं।सविता ने साबित कर दिखाया कि जिस तरह मंगलसूत्र अनमोल है,उसी तरह शौचालय भी।

'पहले शौचालय फिर देवालय' के नारे को सविता ने अपने तरीके से सच कर दिखाया।जिस समाज में पति को देवता मानते है और मंगलसूत्र जो सात जन्मों का नाता कहलाता है।इस मंगलसूत्र को सविता ने इसलिए बेच दिया क्योंकि उसके बदले में मिली रकम से शौचालय का निर्माण कर सके।आप समझ सकते है कि सविता ने शौचालय को कितनी अहमियत और सिद्दत से समाज के सामने पेश किया है।सविता का कदम त्याग है,प्रेरणा है और उनकी सोच क्रांतिकारी है जिससे हर कोई सलाम कर रहा है।

सविता बिहार के पटना जिले की रहने वाली है ।उसकी शादी यूपी में दिव्यांग वीरेंद्र मौर्य से हुई।जब वह शादी के बाद गांव आई ,तो उसने देखा कि ससुराल में शौचालय नहीं है।सविता गरीब जरूर है लेकिन उसे पता है कि शौचालय के लिए किस तरह देशभर में पीएम मोदी के नेतृत्व में अभियान चल रहा है।इसलिए उसने फैसला किया कि वह मंगलसूत्र बेचकर यह काम कराएगी।जब ये बात मीडिया के जरिए सरकार के सामने आयी,तो सरकार ने उनका हौंसला बढ़ाया।सविता का सम्मान किया।

सविता ने जब राह दिखलाई तो दूसरी महिलाओं ने भी उनकी अनुसरण किया।कानपुर में रहने वाली लता देवी ने भी अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए अपना मंगलसूत्र बनवा डाला।हर घर में शौचालय होना सबसे पहली जरूरत होनी चाहिए।खुले में शौच अपमान की बात है।गांव के लोगो ने भी लता की सोच की तारीफ की।

सविता और लता जैसी महिलाएं पूरे देश के लिए प्रेरणा है जहां 50 करोड़़ लोगों के पास आज भी शौचालय नहीं ।केंद्र सरकार की पहल के बाद लोगों में अब तक पिछले दो साल में दो करोड़ शौचालयों का निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि को भी 9 हजार बढ़ाकर 12 हजार रुपए कर दिया है।2019 तक सभी घरों में शौचालय उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर सरकार चल रही है।

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