अभी-अभी: भारत की पहली बुलेट ट्रेन का मोदी-शिंजो ने किया शिलान्यास, लिखेंगे दोस्ती का नया अध्याय

अभी-अभी: भारत की पहली बुलेट ट्रेन का मोदी-शिंजो ने किया शिलान्यास, लिखेंगे दोस्ती का नया अध्याय

By: Rohit Solanki
September 14, 10:09
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Ahamdabad: भारत में पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण का काम शुरू हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे एकसाथ मिलकर इस प्रोजेक्ट का साबरमती में शिलान्यास किया। इस दौरान मंच पर जापानी पीएम शिंजो आबे और पीएम नरेंद्र मोदी के अवाला रेल मंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, राजेश गोहेन, गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली और सीएम विजय रूपानी भी मौजूद रहे। 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम मोदी ने जो सपना देखा था वो जल्द पूरा होने जा रहा है। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पीएम के सपने को पूरा करने के लिए जापानी पीएम शिंजो आबे का भी आभार व्यक्त किया। फडनवीस ने कहा कि मुंबई और गुजरात को पहली बुलेट ट्रेन के लिए चुना जाना हमारे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि भले ही प्रोजेक्ट की शुरुआत गुजरात से हुई हो लेकिन मैं पीएम मोदी से निवेदन करता हूं कि वे बुलेट ट्रेन में सवार होकर गुजरात से मुंबई आएं और वहां से मेट्रो का उद्घाटन करें।

इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शिंजो आबे और पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की जन्मभूमि से बुलेट ट्रेन युग की शुरुआत करना हमारे लिए खुशी की बात है। रूपाणी ने कहा कि पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब वाइब्रेंट गुजरात के जरिए उन्होंने राज्य का खूब विकास किया, लेकिन अब वे देश को भी इसी विकास की राह पर ले जा रहे हैं। उनके विचार अद्भुत हैं और उनके विचारों से लोग प्रभावित हैं।

 अहमदाबाद से लेकर मुंबई के बीच बनने वाले 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शिलान्यास समारोह के तुरंत बाद शुरू हो जाएगा। करीब 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के इस प्रोजेक्ट पर जापान बड़ी भागीदारी निभा रहा है। वैसे तो इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेडलाइन 2023 रखी गई है, लेकिन रेल मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि निर्माण काम तेजी से किया जाएगा और डेडलाइन से एक साल पहले ही 15 अगस्त 2022 को पहली बुलेट ट्रेन का उद्घाटन कर दिया जाएगा।

शिलान्यास समारोह के साथ ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर आज सबसे पहले बड़ोदा में ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद एलिवेटेड पुलों के निर्माण का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर आने वाले पांच सालों में हर साल लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। प्रोजेक्ट की कुल लागत 1,10,000 करोड़ रुपए है, जिसमें से जापान 88,000 करोड़ रुपए का लोन अगले 50 सालों के लिए दे रहा है। इस लोन पर 0.1% का ब्याज लिया जाएगा जो बेहद कम होगा। 

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