तबलीगी जमात से लौटे कांग्रेसी नेता ने छुपाई बात, पत्नी-बेटी समेत कोरोना पॉजिटिव हुये, FIR, गांव सील

New Delhi : दिल्ली में कांग्रेस के एक नेता ने पूरे मोहल्ले को आफत में डाल दिया है। वो मरकज से लौटा था लेकिन उसने ये बात न तो पुलिस को बताई और न ही प्रशासन को। अंत में परेशान उसका परिवार तो हुआ ही पूरा मौहल्ला खौफजदा है। उसके परिवार में उसकी पत्नी और उनकी बेटी कोरोना पॉजेटिव पाये गये हैं।

निजामुद्दीन मरकज से बाहर आते जमाती और इनसेट में इनका नेता मौलाना साद

बहरहाल दिल्ली पुलिस ने इस कांग्रेस नेता और नफजगढ़ के दीनपुर गांव से कांग्रेस के पूर्व पार्षद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आश्चर्यजनक पहलू यह है कि दिल्ली के द्वारका थाना क्षेत्र में रहने वाला यह नेता लॉकडाउन के दौरान क्वारौंटीन का पालन भी नहीं कर रहा था। नफजगढ़ के दीनपुर गांव से कांग्रेस के पूर्व पार्षद को स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उन्हीं के घर में होम क्वारंटीन के लिए निर्देश दिया गया था। जांच अधिकारी के निरीक्षण के दौरान उन्हें उनके निवास स्थान पर नहीं पाया गया। बाद में पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्होंने अपनी पिछली यात्रा और तबलीगी जमात में शामिल होने के बारे नहीं बताया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और जांच के बाद पुलिस ने यह पाया कि वह मार्च में निज़ामुद्दीन मरकज गए थे, जहां वह तबलीगी जमात में शामिल हुए थे। अब मेडिकल जांच में नेता की पत्नी वर्तमान वार्ड पार्षद और उनकी बेटी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं।
पुलिस का कहना है कि उनकी लापरवाही के कारण, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में उनके गांव दीनपुर को अब एक कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। वहां के निवासियों को बाहर निकलने से मना किया गया है। एनडीटीवी के मुताबिक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया – इन तीनों को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब पिछले महीने मरकज निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में शामिल होने की सूचना मांगी गई, तो पूर्व पार्षद ने उसे छिपा लिया था। बाद में उनमें कोरोना वायरस के लक्षण मिले और पॉजिटिव पाये गये।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा – जब हम पूछताछ कर रहे थे, तो वह लक्षण भी नहीं दिखा रहा था। लेकिन बाद में जब हमने तकनीकी जांच की, तो मालूम पड़ा कि वह तबलीगी जमात के दौरे पर गए थे। अधिकारी ने कहा कि करीब 250 घरों वाले दीनपुर गांव को सील कर दिया गया है। सभी ग्रामीणों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। यहां तक कि आवश्यक आपूर्ति के लिए उन्हें सरकारी एजेंसियों से संपर्क करने के लिए कहा गया है।

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