आधार कार्ड वालों के लिए बड़ी खबर, अब नहीं देना पड़ेगा आधार नंबर... वर्चुअल आईडी बनेगी नई पहचान

आधार कार्ड वालों के लिए बड़ी खबर, अब नहीं देना पड़ेगा आधार नंबर... वर्चुअल आईडी बनेगी नई पहचान

By: Rohit Solanki
January 10, 18:01
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New Delhi:आधार लीक की खबरों के चंद दिनों बाद ही UIDAI ने बुधवार को नया टू-लेयर सेफ्टी सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।

इस संबंध में UIDAI ने बुधवार को नया टू लेयर सेफ्टी सिस्टम और वर्चुअल आईडी बनाने व लिमिटेड केवाईसी जारी करने की घोषणा की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों उपायों से आधार यूजर्स की प्रिवेसी पहले से और पुख्ता हो जाएगी।

वर्चुअल आईडी की वजह से किसी भी आधार नंबर के ऑथेंटिकेशन के वक्त आपको अपने आधार नंबर को शेयर करने की जरूरत खत्म हो जाएगी। इस तरह आधार ऑथेंटिकेशन पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी। वर्चुअल आईडी एक 16 अंकों वाली संख्या होगी, जो ऑथेंटिकेशन के लिए आधार नंबर की जगह इस्तेमाल होगी। यह जरूरत के वक्त कंप्यूटर द्वारा तत्काल जेनरेट होगी। सभी एजेंसियां 1 जून तक इस नए सिस्टम को अपनाएंगी। 

लिमिटेड केवाईसी सुविधा आधार यूजर्स के लिए नहीं बल्कि एजेंसियों के लिए है। एजेंसियां केवाईसी के लिए आपका आधार डिटेल लेती हैं और उसे स्टोर करती हैं। लिमिटेड केवाईसी सुविधा के बाद अब एजेंसियां आपके आधार नंबर को स्टोर नहीं कर सकेंगी। इस सुविधा के तहत एजेंसियों को बिना आपके आधार नंबर पर निर्भर हुए अपना खुद का केवाईसी करने की इजाजत होगी। एजेंसियां टोकनों के जरिए यूजर्स की पहचान करेंगी। केवाईसी के लिए आधार की जरूरत कम होने पर उन एजेंसियों की तादाद भी घट जाएगी जिनके पास आपके आधार की डिटेल होगी। 

यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया है जब एक दिन पहले ही आरबीआई के सहयोग से तैयार किए रिसर्च नोट में आधार को लेकर कुछ गंभीर चिताएं जाहिर की गई हैं। आरबीआई से जुड़े एक थिंकटैंक ने कहा है कि मौजूदा स्वरूप में आधार साइबर अपराधियों के लिए बहुत ही आसान टारगेट है।  

थिंकटैंक ने कहा कि आधार के सामने कई लघु और दीर्घकालिक चुनौतियां हैं। उसके मुताबिक डेटा की चोरी रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। मुनाफाखोर व्यवसाय जगत इस डेटा तक अपनी पहुंच बनाने की कोशिश कर सकता है। रिसर्च नोट में कहा गया है कि आज का दौर व्यवसायों के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता का है जिसमें नैतिक सीमाओं का तेजी से उल्लंघन हो रहा है। रिसर्च नोट में कहा गया है कि आधार डेटा के संभावित व्यवसायिक दुरुपयोग से बड़ी चिंता इसके आसानी से लीक होने की है। नोट के मुताबिक आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और साइबर क्रिमिनल इसमें सेंध लगा सकते हैं। 

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