भारतीय सशत्र सेनाओं को मिलेगी और 'शक्ति', 2420 करोड़ के करार को हरी झंडी

भारतीय सशत्र सेनाओं को मिलेगी और 'शक्ति', 2420 करोड़ के करार को हरी झंडी

By: shailendra shukla
January 05, 21:01
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New Delhi: जल्द ही भारत की सशस्त्र सेना को और भी 'शक्ततियां' मिलने जा रही है। नौसेना पायलट के लिए 1949.32 करोड़ और थल सेना के लिए 470 करोड़ के करार को मंजूरी मिल गई है।

थल सेना के लिए संचार उपकरण और नौसेना के लिए निगरानी विमान ‘पी8- आई’ की ट्रेनिंग के लिए सॉल्यूशन खरीदे जाएंगे।इसके आलावा नौसेना के पायलट के लिए 1949.32 करोड़ की लागत से सॉल्यूशन अमेरिका के बोइंग कंपनी से लिए जाएंगे।

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इंडियन आर्मी के जवान ड्यूटी के दौरान (फाइल फोटो)

नौसेना के अलावा थल सेना के लिए 470 करोड़ की लागत से अपग्रेड संचार उपकरण लिए जाएंगे जिससे कि भारतीय सेना आतंकियों के पास मौजूद नए टेक्नोलॉजी वाले हथियारों से मुकाबला कर सके। इस संचार प्रणाली को कश्मीर में LoC पर लगाए जाने की संभावना है।

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निगरानी विमान के इस्तेमाल से  ट्रेनी पायलट को लाइव एयरक्राफ्ट के बजाय सिम्युलेटर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसलिए साल्यूशन खरीदने का फैसला लिया गया है। इससे ट्रेनिंग में कम खर्च आएगा और बेहद आसान भी होगा।

नेवी के जवान ड्यूटी के दौरान (फाइल फोटो)

मालूम हो कि नौसेना में समुद्र में लंबी दूरी तक निगरानी रखने के लिए 2013 से ‘पी- 8आई’ विमान है। समुद्र के काफी अंदर गश्त लगा रही दुश्मन की पनडुब्बी का पता लगा पाने में भी यह सक्षम है।

फिलहाल नेवी के पास ऐसे 08 निगरानी विमान हैं और चार नए लेने के लिए ऑर्डर दिए गए हैं। इससे पहले 02 जनवरी को भारतीय वायुसेना के लिए स्मार्ट बम और नौसेना के लिए बराक मिसाइल खरीद के लिए भी मंजूरी दी गई थी।

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