1971 इंडो-पाक वार: अमर जवान ज्योति का यह शख्स है 'रखवाला', कभी नहीं बुझने देता लौ!

1971 इंडो-पाक वार: अमर जवान ज्योति का यह शख्स है 'रखवाला', कभी नहीं बुझने देता लौ!

By: shailendra shukla
December 07, 14:12
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New Delhi: कई नेता आए..., कई प्रधानमंत्री बदले..., कई सेना प्रमुख बदले..., देश के कर्णधार बदलते रहे, यहां आते रहे लेकिन  अगर कुछ नहीं बदला तो ज्योति का रखवाला!

इडिया गेट में जल रहे 'अमर जवान' के ज्योति की लौ को आपने कई बाार जलते हुए देखा होगा लेकिन क्या आपको यह पता है कि इस लौ को कौन जलाता है? यह 24 घंटे और सातों दिन कैसे जलती रहती है?

आपका उत्तर शायद न में होगा! तो आज हम आपको बताते हैं उस शख्स के बारे में जो इंडिया गेट पर 'अमर जवान' स्थापित होने के बाद रात-दिन शहीदों की याद में इस लौ को जलाकर रखे हुए हैं। इस शख्स का नाम है चंदर सिंह बिष्ट।

चंदर सिंह बिष्ट (लाल घेरे में)

जब चंदर सिंह बिष्ट से अमर जवान के ज्योति को लगातार प्रज्वलित रहने के बारे में बात की गई तो उन्होंने सारी बात बताई। रअसल, इस लौ को प्रज्ज्वलित रखने के लिए यहां बनाया गया एक कमरा कंट्रोल रूम का काम करता है। इस कमरे से पाइप लाइन के जरिए गैस ‘अमर जवान’ ज्योति तक लगातार पहुंचती है। लौ हर समय जलती रहे यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका रहती है चंदर सिंह बिष्ट की।

अमर जवान (फाइल फोटो)

बिष्ट बताते हैं कि पहले ये गैस सिलेंडरों के जरिए पहुंचाई जाती थी लेकिन कुछ साल पहले यहां आईजीएल की पाइप लाइन बिछने से काम थोड़ा आसान हो गया है। बावजूद इसके सही मात्रा में गैस को निरंतर पहुंचाते रहना बेहद चुनौती भरा रहता है।

चंदर सिंह बिष्ट पिछले 4 दशकों से यह काम कर रहे हैं

पाकिस्तान से 1971 की जंग के बाद बनाए गए ‘अमर जवान’ स्मारक की इस ज्योति का रखवाला तभी से दिन रात काम करता है। इसके लिए बिष्ट को हमेशा यहीं रहना पड़ता है।

इंडिया गेट

रक्षा मंत्रालय से रिटायर हैं बिष्ट

बिष्ट रक्षा मंत्रालय से रिटायर हो चुके हैं लेकिन इस लौ का मोह वह शायद ताजिंदगी न छोड़ पाएंगे। इन्ही जज्बात के साथ जीते चंदर सिंह बिष्ट परिवार से मिलने साल में दो बार ही जा पाते हैं। बिष्ट की मदद के लिए एक प्राइवेट कंपनी से इंजीनियर भी रखा गया है। उसका काम यदि गैस के बरनर आदि में कोई खराबी आती है तो उसे ठीक करना है। 

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