इंडियन आर्मी का सलाम उनके नाम जो परिस्थिति कैसी भी हो, नहीं छोड़ते साथ

New Delhi : भारतीय सेना ने आज उनको स्पेशल सलामी दी है जो कभी जवानों का साथ नहीं छोड़ते। चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। रास्ते कैसे भी हों। रसद पहुंचाने से लेकर हर काम करते हैं। रसद तो ऐसी ऐसी जगह पहुंचाते हैं जहां बड़े से बड़े उत्कृष्ट वाहन जा ही नहीं सकते। लेकिन हमारे वहां भी अपनी देश की सीमाओं की रक्षा के लिये जाते हैं। मुश्किल से मुश्किल और दुरूह रास्तों को भी ये आसान बना देते हैं। जवानों की जरूरत की सारी चीजें ढोते हैं और मुश्किल हालात में जवानों के जीवन को आसान बना देते हैं। और भारतीय जवान भी उन्हें उचित सम्मान और प्यार देते हैं।

 

जी हां, आपने सही पहचाना। हम बात कर रहे हैं खच्चरों और गधों की जो मुश्किल और दुरुह जमीनी हालात में सेना के जवानों के लिये मददगार साबित होते हैं। अभी जब चीन के साथ हालात मुश्किल होते जा रहे हैं तो इनका महत्व और बढ़ता जा रहा है। भारतीय सेना इनको सम्मान देने के लिये विशेष दिन का आयोजन करती है। आज इस मौके पर इंडियन आर्मी के ऑफिशियल अकाउंट से ट‍्वीट किया गया – जानवरों और म्यूएलर्स उच्च ऊंचाई और जंगल इलाके में कई आगे सीमा चौकियों के लिये रसद पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण घटक बनाते हैं। उनके साहस का सम्मान करने के लिए 26 सितंबर को “पशु परिवहन स्मरण दिवस” के रूप में मनाया जाता है। भारतीय सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने 98वें मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज डे की मुबारकबाद दी है।

बता दें कि एलएसी पर अब भी माहौल शांतिपूर्ण नहीं हुये हैं। चीन बार बार अपने वादे से मुकर जा रहा है। कई जगहों पर तनाव बरकरार है। भारतीय सेना के जवाने भी एलएसी पर दृढ़ता के साथ डटे हुये हैं। भारतीय सेना युद्धाभ्यास भी कर रही है।

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