स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण पर PM मोदी का भाषण होगा लाइव, ममता सरकार का इन्कार

स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण पर PM मोदी का भाषण होगा लाइव, ममता सरकार का इन्कार

By: Aryan Paul
September 09, 13:09
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New Delhi:

हमेशा की तरह ममता सरकार ने एक बार फिर केंद्र के निर्देशों को मानने से साफ मना कर दिया है, इस बार मामला स्वामी विवेकानंद की विश्व धर्म संसद में दी गई स्पीच से जुड़ा है। दरअसल UGC ने देशभर की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज को निर्देश दिया है कि 11 सितंबर को स्वामी विवेकानंद की 125वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का भाषण लाइव किया जाए, लेकिन बंगाल सरकार ने अपने यहां यह निर्देश मानने से इन्कार किया है। 

स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में 11 सितंबर, 1893 को आयोजित विश्व धर्म संसद में जो भाषण दिया था, उसी पर पीएम मोदी 11 सितंबर को बोलेंगे । 

बता दें कि ममता सरकार ने यह कहते हुए मना कर दिया है कि यह शिक्षा को भगवा करने की साजिश है, जो बंगाल सरकार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने UGC के आदेश को मानने से इंकार कर दिया है, उनका कहना है कि ये कोई जरूरी नहीं है कि बंगाल में भी पीएम मोदी का भाषण लाइव किया जाए। बता दें कि UGC ने देशभर की लगभग 40,000 शिक्षा संस्थानों को पीएम मोदी का भाषण लाइव करने के निर्देश दिए हैं।

बंगाल सरकार ने अपने अधीन वाले सभी कॉलेजों को कह दिया है कि वो UGC के निर्देशों को मानने से इन्कार करें। उनका कहना है कि केंद्र सरकार बिना राज्यों को बताए इस तरह के आदेश लागू नहीं कर सकती । पार्थ चटर्जी का कहना है कि इस तरह के निर्देश साफ-साफ शिक्षा का भगवाकरण करने की साजिश हैं। 

हालांकि बता दें कि इससे पहले भी अगस्त महीने में भी केंद्र की तरफ से सभी राज्यों को निर्देश दिए गए थे कि 9 अगस्त से 30 अगस्त तक राज्य में आजादी को लेकर कार्यक्रम किए जाए और स्कूलों में देशभक्ति से जुड़ी चीजे छात्रों को बताई जाएं, तब भी ममता सरकार ने इस निर्देश को मानने से साफ मना कर दिया था । और पीएम मोदी के न्यू इंडिया मिशन के तहत संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम को भी मनाने से इन्कार कर दिया था ।

पार्थ चटर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी पूरे देश पर राष्ट्रभक्ति थोपना चाहती हैं और उन्हें बीजेपी से राष्ट्रभक्ति सीखने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने राज्य के स्कूलों को अपनी पॉलिसी सर्व शिक्षा अभियान के तहत ही काम करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र के आदेशों को मानने से इन्कार किया है।

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