योगीराज में सब मुमकिन है : एक ट्वीट पर डायल-112 ने 400 किमी दूर पिता के पास पहुंचाई दवा

New Delhi : उत्तर प्रदेश में अब सबकुछ मुमकिन नजर आता है। अगर आप जरूरत में हैं तो आपको मदद मिलेगी बस आपको अपनी बात सरकार तक पहुंचानी है। लॉकडाउन में दिहाड़ी मजदूरों को उनके गांव तक पहुंचाने का मामला हो या फिर कोटा से बच्चों को उत्तर प्रदेश बसों से लाने का मामला हो। जहां दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री गुणा भाग में लगे रहते हैं, सौ तरह के विचार विमर्श में लगते हैं योगी सरकार मिनटों में फैसला लेती है और लोगों को राहत भी मिलती है। अब ऐसी ही एक बड़ी राहत एक व्यक्ति को यूपी पुलिस ने पहुंचाई है।
लॉकडाउन का पालन कराने के साथ साथ पुलिस लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उनकी मदद को आगे भी आ रही है। लॉकडाउन की वजह से एक युवक गौतम नोएडा के सेक्टर-128 में फंसा हुआ था। कन्नौज में उसके बीमार पिता दवाइयों के लिए जूझ रहे थे। उनकी दवाइयां खत्म हो गई थी और कन्नौज में नहीं मिल रही थीं। बेटा बहुत परेशान था। तभी उसके दोस्त ने यूपी पुलिस को ट्वीट किया और दवा खत्म होने की जानकारी दी।

ट्वीट में लिखा – उसके दोस्त के पिता कन्नौज में रहते हैं और वहां दवा नहीं मिल रही है। सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पीआरवी 4667 ने कॉलर से सम्पर्क साधा और लखनऊ स्थित 112 मुख्यालय में बात की।

इस ट्वीट को डायल-112 के मीडिया प्रभारी ने संज्ञान में लिया। गौतम का नंबर लेकर बात की और दवाई का पर्चा मंगवाया। वह पर्चा डायल-112 मुख्यालय से नोएडा आई एक पीआरवी पर भिजवाकर गाजियाबाद से दवाइयां खरीद ली। इसके बाद गाजियाबाद से मुख्यालय के लिए निकली पीआरवी ने कन्नौज की पीआरवी से संपर्क कर आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे उसे दवाइयां दीं। कन्नौज की पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी गौतम के पिता के पास दवाई लेकर पहुंचे।
पुलिस के इस रूप को देखकर गांव वाले भी हैरान रह गए। दवा पाकर पीड़ित और कॉलर ने पुलिस प्रशासन का शुक्रिया किया है। इस काम में कमांडर गौरव यादव, अशोक कुमार, सब कमांडर रमेश कुमार, पायलट शानू कुमार व अनिल कुमार का विशेष योगदान रहा है। सिर्फ एक ट्वीट के पर यूपी पुलिस 400 किलोमीटर दूर कैंसर की दवाई लेकर पहुंची। यूपी पुलिस के इस जज्बे की हर ओर सराहना हो रही है। बता दें कि इससे पहले जिला पुलिस कई बार लोगों की मदद कर चुकी है। लॉकडाउन की शुरुआत में ही ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक ऐसी छात्रा को गुरुग्राम स्थित उसके घर पर पहुंचाया था, जो यहां पर अकेली रह गई थी।

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