जिनका नाम सुन थर-थर कांपते हैं अपराधी, UN, NSG, CBI के हीरो हैं असीम, अब डॉयल 112 को चमकाया

New Delhi : उत्तर प्रदेश के तेज तर्रार IPS अफसर असीम अरुण अपने शानदार काम के लिये जाने जाते हैं। वे कई ऐसे काम कर चुके हैं, जो काबिल-ए-तारीफ हैं। यहां तक कि देश में जनपद स्तर पर पहली स्वॉट टीम बनाने का श्रेय भी असीम अरुण को जाता है। बड़े-बड़े अपराधी उनके नाम से थर-थर कांपते हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पुलिस कप्तान रह चुके असीम अरुण के पिता श्रीराम अरुण भी एक आईपीएस अफसर थे। वे उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक भी रहे। फिलहाल असीम अरुण एडीजी के पद पर हैं और उत्तर प्रदेश में डॉयल 112 को बेहतर बनाने की कार्ययोजनाओं को अंजाम देने में जुटे हुये हैं। कोरोना काल में डॉयल 112 लोगों की मदद के लिये देवदूत बनकर सामने आया।

असीम ने शुरुआती तालीम लखनऊ के सेंट फ्रांसि‍स स्‍कूल से हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और सेंट स्‍टीफेंस कॉलेज से बीएससी की। असीम अरुण के पिता श्रीराम अरुण देश के जाने माने पुलिस अफसर थे। तो उन्हें भी पिता से प्रेरणा मिली। उन्होंने भी पुलिस में करियर बनाने का फैसला किया। मेहनत और लगन से तैयारी का नतीजा ये निकला कि 90 के दशक में उनका चयन भी भारतीय पुलिस सेवा के लिए हो गया। असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। अपने बैच में वे सबसे होनहार अफसर के तौर पर जाने गए।
भारतीय पुलि‍स सेवा में आने के बाद असीम अरुण यूपी के कई जिलों में तैनात रहे। उन्होंने टि‍हरी गढ़वाल के अलावा यूपी के जनपद बलरामपुर, हाथरस, सिद्धार्थ नगर, अलीगढ़, गोरखपुर और आगरा में बतौर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक अपनी सेवाएं दी। बाद में एटीएस लखनऊ में कार्यभार संभाला। असीम अरुण की काबलियत का ही नतीजा था कि उन्हें देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सुरक्षा दल में शामिल किया गया। वे एसपीजी में प्रधानमंत्री के अंदरूनी घेरे की सुरक्षा यानी क्‍लोज़ प्रोटेक्‍शन टीम (CPT) का नेतृत्व कर चुके हैं।
उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए ही उन्हें एनएसजी मानेसर सहि‍त सीबीआई की साइबर अपराध वि‍वेचना अकादमी गाजि‍याबाद में भी सेवाएं देने का मौका मिला। वे एक बेहतर कमांडो के तौर पर भी जाने जाते हैं। पुलिस की डायल 100 सेवा शुरू किए जाने में भी उनका अहम योगदान रहा है।
जिस स्वॉट टीम को भारत के लोग केवल हॉलीवुड की फिल्मों में देख पाते थे, उसे भारत में जनपद स्तर पर पहुंचाने का श्रेय भी असीम अरुण को जाता है। वर्ष 2009 में उन्होंने अलीगढ़ जनपद में तैनाती के वक्त भारत की पहली जनपद स्तरीय स्वॉट का गठन किया। यही नहीं आगरा में डीआईजी के पद पर रहते हुए असीम अरुण ने इस टीम को विस्तार भी दिया और वहां भी स्वॉट टीम का गठन किया।

वर्ष 2002 में असीम अरुण को संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ ने कोसोवो में एक साल के तैनात किया। जहां उन्होंने सराहनीय सेवाएं दी। संयुक्त राष्ट्र और एसपीजी में तैनाती के वक्त और अवकाश के दौरान वे देश के सभी राज्यों और 20 देशों की यात्रा कर चुके हैं। असीम यूपी पुलि‍स के कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं। उन्हें सादगीभरा जीवन पंसद हैं। वे पुलिसिंग को अपना पहला इश्क कहते हैं।

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