मजदूरों-स्टूडेंट‍्स के लिये 3 मई से 20 ट्रेनें, धीरे-धीरे बढ़ाई जायेंगी, गोरखपुर भी पहुंची ट्रेन

New Delhi : देश के विभिन्न शहरों में फंसे कामगारों को निकालने के लिये रेलवे ने शनिवार को 10 और विशेष ट्रेनें चलाई। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उड़ीसा के लिए चलाई गई इन ट्रेनों में करीब 10 हजार कामगार व छात्र अपने गंतव्य को रवाना हुये। रविवार से कम से कम 20 ट्रेनें चलेंगी। इधर शनिवार को भिवंडी रोड रेलवे स्टेशन से एक स्पेशल ट्रेन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिला गोरखपुर के लिए रवाना की गई। विशेष ट्रेन चलने की सूचना पर करीब 3 से 4 हजार प्रवासी जमा हो गए। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीनें छूट गए।

रेलवे के अनुसार शनिवार को स्पेशल ट्रेनें आठ राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से चलाई गई। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि हमने शनिवार को 20 विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई थी। दक्षिण के पांच राज्यों के अलावा ये महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से चलाई जानी थीं। सभी ट्रेनों में एक हजार यात्रियों को ले जाने की तैयारी की गई थी। जिस राज्य से मांग आ रही है, हम ट्रेनें उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि बाद में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 10 ट्रेनें ही चलाई जा सकीं। पांच ट्रेनें अकेले केरल से जबकि दो ट्रेनें गुजरात से चलाई गईं। एक अहमदाबाद के निकट साबरमती स्टेशन से आगरा और एक सूरत से पुरी के लिए चलाई गई।

कामगारों की सुरक्षा जांच में अधिक समय लगने से ज्यादा ट्रेनों का संचालन कठिन हो रहा है। जो ट्रेनें शनिवार को रवाना नहीं हो पाई, वे अब रविवार को रवाना होंगी। शुक्रवार को जो ट्रेनें चलाई गई थीं उनमें से पांच फिलहाल रोजाना चलाई जाएंगी। राज्यों की मांग पर धीरे-धीरे ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन सभी ट्रेनों में स्लीपर कोच की 24 बोगियां लगी हैं। खास बात यह कि मुंबई में कोरोना के भारी प्रकोप को देखते हुए महाराष्ट्र से चलने वाली कोई भी विशेष वहां से रवाना होगी। इसकी जगह वसई, भिवंडी और नासिक से ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसी तरह कोरोना से जूझ रहे दिल्ली और अहमदाबाद शहर से भी कोई ट्रेन शुरू नहीं होगी। इनकी जगह निकटवर्ती सुरक्षित स्टेशनों से ट्रेनें चलाई जाएंगी। अफरातफरी फैलने की आशंका को देखते हुए रेलवे इन ट्रेनों के संचालन में काफी गोपनीयता बरत रहा है। इनके रूट वगैरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम लोग इन ट्रेनों का संचालन बहुत सावधानी से कर रहे हैं। हम लोगों को बता रहे हैं कि जरूरत पूरी होने तक ट्रेनें रोजाना चलेंगी। रेलवे ट्रेन में सफर करने वालों से न किराया ले रहा है और न ही टिकट दे रहा है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद जिन लोगों को सरकार नामित कर रही है रेलवे उन्हें ही ट्रेन में सवार होने दे रहा है। इनका किराया संबंधित राज्यों से वसूला जाएगा। लंबी दूरी के सफर में रेलवे एक बार भोजन और पानी देगा इस मद में राज्य सरकार से क्रमश: 30 रुपए व 20 रुपए का भुगतान लिया जाएगा। सफर के दौरान यात्रियों को फेस मास्क लगाने के साथ सभी सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा।

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